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NEET Chemistry में Coordination Compounds : पैटर्न पहचानकर आसान बनाइए

Published on Aug 24, 2026 · 2 min read · 9 views
NEET Chemistry में Coordination Compounds : पैटर्न पहचानकर आसान बनाइए

NEET Chemistry में Coordination Compounds : पैटर्न पहचानकर आसान बनाइए

Coordination Compounds (उपसहसंयोजन यौगिक) पहली नज़र में मुश्किल लगते हैं, इतने सारे नाम, ज्योमेट्री और रंग। पर सच यह है कि यह Inorganic Chemistry का सबसे स्कोरिंग चैप्टर है, क्योंकि इसमें सवाल एक तय पैटर्न पर आते हैं। एक बार पैटर्न समझ जाएँ, तो पक्के मार्क्स मिलते हैं। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट इस चैप्टर को कैसे आसान बनाएँ और किन इंग्लिश टर्म को ज़रूर याद रखें, यही आसान भाषा में इस आर्टिकल में...

NEET में Coordination Compounds क्यों स्कोरिंग चैप्टर है

इस चैप्टर से हर साल अंदाज़न 2 से 3 सवाल आते हैं, यह पुराने पेपर के एनालिसिस पर आधारित अनुमान है, आधिकारिक नहीं। इसकी खास बात यह है कि सवाल के टाइप सीमित और तयशुदा होते हैं।

  • तय पैटर्न: नाम लिखना, isomerism, रंग और magnetic property, यही घूम फिरकर आता है।
  • कम मेहनत, ज़्यादा फायदा: दूसरे Inorganic चैप्टर के मुकाबले यहाँ मेहनत का रिटर्न ज़्यादा है।

Werner थ्योरी और Ligand की बेसिक समझ

सबसे पहले बुनियाद पक्की कीजिए। Ligand (लाइगैंड) वे ग्रुप होते हैं जो सेंट्रल मेटल से जुड़ते हैं, और coordination number बताता है कि कितने जुड़े हैं।

  • Ligand के टाइप: एक जगह से जुड़ने वाले (monodentate) और कई जगह से जुड़ने वाले (polydentate) जैसे en और EDTA।
  • Ambidentate ligand: जो दो अलग सिरों से जुड़ सकें, जैसे NO₂ और SCN, इन पर सवाल अक्सर आते हैं।
  • Oxidation state: सेंट्रल मेटल का oxidation state निकालना हर सवाल का पहला कदम है।

IUPAC नाम लिखने का तरीका (NEET में पक्के मार्क्स)

नाम लिखने के सवाल सबसे आसान और पक्के होते हैं, बस कुछ नियम याद रखने होते हैं।

  • पहले ligand, फिर metal: नाम में पहले ligand आते हैं, फिर सेंट्रल मेटल।
  • Ligand का क्रम: ligand अल्फाबेट के हिसाब से लिखे जाते हैं।
  • Oxidation state: मेटल के आगे कोष्ठक में रोमन अंक में लिखा जाता है।

NEET में Isomerism — Coordination Compounds का पसंदीदा टॉपिक

Isomerism (समावयवता) से हर साल सवाल आते हैं। इसे दो हिस्सों में समझिए।

  • Structural isomerism: जैसे linkage, ionization, hydrate और coordination isomerism।
  • Stereo isomerism: geometrical (cis और trans) तथा optical isomerism, जो ज्यामिति पर निर्भर हैं।
  • पहचान का तरीका: पहले ज्योमेट्री तय कीजिए, फिर देखिए कि cis trans या optical बनेगा या नहीं।

VBT और CFT — ज्योमेट्री, रंग और Magnetic Property

यहाँ एक आसान बँटवारा याद रखिए, VBT (Valence Bond Theory) से ज्योमेट्री और magnetism समझ आते हैं, और CFT (Crystal Field Theory) से रंग तथा spin की बात होती है।

  • VBT: hybridisation बताता है, जैसे CN 6 के लिए d²sp³ या sp³d²।
  • CFT: strong field ligand से low spin और weak field से high spin बनता है।
  • Magnetic moment: बिना जोड़े इलेक्ट्रॉन (unpaired) की संख्या से निकलता है, μ = √n(n+2) BM।
  • रंग: d इलेक्ट्रॉन के d–d transition से आता है, इसलिए Sc³⁺ और Zn²⁺ रंगहीन होते हैं।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए 5 स्टेप वाला NEET तरीका

इस चैप्टर के ज़्यादातर सवाल एक ही सोच की चेन से हल हो जाते हैं। इसे रट लीजिए।

  • स्टेप 1: मेटल का oxidation state निकालिए।
  • स्टेप 2: उससे d इलेक्ट्रॉन की संख्या पता कीजिए।
  • स्टेप 3: ligand मज़बूत है या कमज़ोर, यह spectrochemical series से देखिए।
  • स्टेप 4: तय कीजिए low spin बनेगा या high spin।
  • स्टेप 5: ज्योमेट्री, magnetic moment और रंग बता दीजिए।

इंग्लिश टर्म जैसे ligand, spin और geometry इंग्लिश में ही याद रखिए, क्योंकि NEET के ऑप्शन इंग्लिश में आते हैं।

NEET में बार बार पूछे जाने वाले सवालों के पैटर्न

  • नाम और oxidation state: IUPAC नाम और मेटल का oxidation state निकालना।
  • Spin और magnetic moment: unpaired इलेक्ट्रॉन गिनकर low या high spin बताना।
  • Isomer की संख्या: किसी कॉम्प्लेक्स के कितने isomer बनेंगे।
  • Application फैक्ट: हीमोग्लोबिन, क्लोरोफिल और cisplatin जैसे एक दो फैक्ट।

एक ज़रूरी बात

Coordination Compounds रटने का नहीं, पैटर्न पहचानने का चैप्टर है। oxidation state से शुरू होकर d इलेक्ट्रॉन, ligand की ताकत, spin और फिर ज्योमेट्री, यही 5 स्टेप वाली चेन ज़्यादातर सवाल हल कर देती है। CFT को NCERT वाली बेसिक गहराई तक ही पढ़िए, उससे ज़्यादा NEET में नहीं पूछा जाता। सवालों की संख्या अंदाज़न है, आधिकारिक नहीं।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम Coordination Compounds जैसे चैप्टर को स्टेप बाय स्टेप और पैटर्न के साथ समझाते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट को इंग्लिश टर्म भी आसानी से याद रहें। पूरे भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किस चैप्टर से कितने सवाल आते हैं, यह अंदाज़न है और आधिकारिक नहीं। सिलेबस और पैटर्न की पक्की जानकारी के लिए neet.nta.nic.in, nta.ac.in, ncert.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE UPMSP MPBSE NEET

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