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मॉडर्न फिज़िक्स और सेमीकंडक्टर, NEET के छोटे चैप्टर पर लगभग पक्के सवाल

Published on Aug 13, 2026 · 1 min read · 4 views
मॉडर्न फिज़िक्स और सेमीकंडक्टर, NEET के छोटे चैप्टर पर लगभग पक्के सवाल

मॉडर्न फिज़िक्स और सेमीकंडक्टर, NEET के छोटे चैप्टर पर लगभग पक्के सवाल

मॉडर्न फिज़िक्स (modern physics) और सेमीकंडक्टर (semiconductor) ऐसे चैप्टर हैं जो छोटे हैं, ज़्यादातर फॉर्मूले पर आधारित हैं, और इनसे NEET में लगभग पक्के सवाल आते हैं। यानी कम समय में ज़्यादा नंबर वाला हिस्सा। इसीलिए इन्हें आखिरी दिनों के लिए भी बचाकर रखा जा सकता है। इस आर्टिकल में RBSE, UPMSP और MPBSE जैसे हिंदी मीडियम बोर्ड के स्टूडेंट के लिए इनकी सबसे ज़रूरी बातें आसान भाषा में दी गई हैं।

पहले यह जान लीजिए, क्या क्या हटा है

एक ज़रूरी बात, सेमीकंडक्टर में से ट्रांज़िस्टर (transistor) वाला हिस्सा और पूरा कम्युनिकेशन सिस्टम (communication system) चैप्टर हट चुका है, इसलिए इन पर बिल्कुल समय मत लगाइए। इसी तरह न्यूक्लियस में से न्यूक्लियर रिएक्टर वाला हिस्सा हटा है, पर बंधन ऊर्जा (binding energy), अर्ध आयु (half life) और रेडियोएक्टिविटी बने हुए हैं।

प्रकाश और पदार्थ का दोहरा स्वभाव

  • फोटोइलेक्ट्रिक इफेक्ट (photoelectric effect): प्रकाश कणों (photon) की तरह भी बर्ताव करता है, आइंस्टीन का फॉर्मूला बहुत पूछा जाता है।
  • दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य (de Broglie wavelength): पदार्थ भी तरंग की तरह बर्ताव करता है, इसका फॉर्मूला λ बराबर h/p पक्का याद रखिए।

एटम, बोर मॉडल और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम

बोर मॉडल (Bohr model) से हाइड्रोजन एटम की ऊर्जा और उसका स्पेक्ट्रम समझा जाता है। ऊर्जा का फॉर्मूला Eₙ बराबर −13.6/n² eV याद रखिए। स्पेक्ट्रम की सीरीज़ में लाइमन (Lyman) पराबैंगनी में और बालमर (Balmer) दिखने वाली रोशनी में आती है, यह अक्सर पूछा जाता है।

न्यूक्लियस, बंधन ऊर्जा और अर्ध आयु

यहाँ द्रव्यमान क्षति (mass defect) और बंधन ऊर्जा (binding energy) सबसे ज़रूरी हैं, याद रखिए कि 1 u बराबर 931.5 MeV होता है। रेडियोएक्टिविटी में अर्ध आयु (half life) का फॉर्मूला T बराबर 0.693/λ बहुत काम आता है। बंधन ऊर्जा प्रति कण वाला ग्राफ फिशन और फ्यूज़न को समझाता है।

सेमीकंडक्टर, p n जंक्शन और लॉजिक गेट

  • सेमीकंडक्टर के प्रकार: शुद्ध (intrinsic) और मिलावट वाले (extrinsic, यानी n टाइप और p टाइप)।
  • p n जंक्शन और डायोड: फॉरवर्ड और रिवर्स बायस, और डायोड का रेक्टिफायर (rectifier) की तरह काम करना।
  • खास डायोड: ज़ेनर, LED, फोटोडायोड और सोलर सेल।
  • लॉजिक गेट (logic gate): AND, OR, NOT, NAND, NOR, इनकी ट्रुथ टेबल याद रखिए।

NEET में इन चैप्टर से सबसे ज़्यादा क्या पूछा जाता है

पिछले सालों के पेपर बताते हैं कि सबसे ज़्यादा सवाल इन पर आते हैं, फोटोइलेक्ट्रिक इफेक्ट, दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य, बोर मॉडल और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम, बंधन ऊर्जा और अर्ध आयु, p n जंक्शन तथा डायोड, और लॉजिक गेट। ये छोटे चैप्टर कम समय में पक्के नंबर देते हैं।

आम गलतियाँ जिनसे बचना है

  • थ्रेशोल्ड और वर्क फंक्शन मिलाना: थ्रेशोल्ड से कम ऊर्जा पर इलेक्ट्रॉन नहीं निकलता।
  • स्पेक्ट्रम की सीरीज़ गड़बड़ाना: लाइमन पराबैंगनी में, बालमर दिखने वाली रोशनी में।
  • यूनिट बदलने में गलती: u को MeV में बदलते समय 931.5 का इस्तेमाल कीजिए।
  • फॉरवर्ड और रिवर्स बायस मिलाना: डायोड में दोनों का फर्क साफ रखिए।
  • हटाया हुआ हिस्सा पढ़ना: ट्रांज़िस्टर और कम्युनिकेशन सिस्टम पर समय मत लगाइए।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट कैसे पढ़ें

  • NCERT ही काफी है: ये फॉर्मूला वाले चैप्टर हैं, इसलिए NCERT और फॉर्मूला शीट से अच्छे से बन जाते हैं।
  • एक फॉर्मूला कार्ड बनाइए: फोटोइलेक्ट्रिक, दे ब्रॉग्ली, बोर मॉडल, अर्ध आयु और गेट की ट्रुथ टेबल एक जगह लिखिए।
  • आखिरी दिनों में दोहराइए: छोटे होने की वजह से ये तेज़ी से दोहराए जा सकते हैं और पक्के नंबर देते हैं।
  • इंग्लिश टर्म याद रखिए: photoelectric effect, binding energy, logic gate जैसे नाम इंग्लिश में याद रखिए, क्योंकि ऑप्शन इंग्लिश में आते हैं।

एक ज़रूरी बात

ये चैप्टर छोटे हैं, फॉर्मूला वाले हैं, और कम समय में पक्के नंबर देते हैं, इसलिए इन्हें कभी मत छोड़िए। एक छोटा सा फॉर्मूला कार्ड बनाकर बार बार दोहराइए, और यूनिट बदलने जैसी छोटी गलतियों से बचिए। सबसे ज़रूरी, हटाए गए हिस्से, यानी ट्रांज़िस्टर और कम्युनिकेशन सिस्टम, पर बिल्कुल समय मत लगाइए, आधिकारिक सिलेबस से एक बार मिला लीजिए।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में मॉडर्न फिज़िक्स और सेमीकंडक्टर के NCERT आधारित नोट्स, फॉर्मूला कार्ड और हल किए सवालों वाले वीडियो एक ही जगह मिलते हैं, हर टर्म के इंग्लिश नाम के साथ, और हटाए गए हिस्से साफ बताए जाते हैं। साथ में चैप्टर वाइज़ MCQ और कंप्यूटर पर फुल मॉक टेस्ट से आप अपनी पकड़ जाँच सकते हैं और नए CBT मोड की आदत भी बना सकते हैं। मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी, नई (रेशनलाइज़्ड) NCERT और पिछले सालों के NEET पेपर के विश्लेषण पर आधारित है। कौन सा हिस्सा कितना पूछा जाता है, यह अंदाज़न है और NTA कोई आधिकारिक वेटेज नहीं देता। कौन सा हिस्सा सिलेबस में है (जैसे ट्रांज़िस्टर या न्यूक्लियर रिएक्टर), इसकी पक्की जानकारी के लिए ncert.nic.in, nta.ac.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE NEET MPBSE UPMSP

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