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बोर्ड इम्प्रूवमेंट परीक्षा और NEET साथ साथ, क्या दोनों मुमकिन हैं

Published on Aug 11, 2026 · 1 min read · 3 views
बोर्ड इम्प्रूवमेंट परीक्षा और NEET साथ साथ, क्या दोनों मुमकिन हैं

बोर्ड इम्प्रूवमेंट परीक्षा और NEET साथ साथ, क्या दोनों मुमकिन हैं

कई स्टूडेंट के मन में एक ही सवाल घूमता है, अगर 12वीं में नंबर कम रह गए तो क्या बोर्ड की इम्प्रूवमेंट परीक्षा दें, और क्या उसके साथ NEET की तैयारी भी हो पाएगी। अच्छी खबर यह है कि ज़्यादातर मामलों में दोनों एक साथ संभव हैं, क्योंकि बोर्ड और NEET दोनों की पढ़ाई का बड़ा हिस्सा NCERT से ही आता है। इस आर्टिकल में यह आसान हिंदी में समझाया गया है कि इम्प्रूवमेंट परीक्षा होती क्या है, तीनों बोर्ड में इसके नियम कैसे हैं, और इसे NEET के साथ कैसे संभालें।

इम्प्रूवमेंट परीक्षा होती क्या है

इम्प्रूवमेंट परीक्षा उन स्टूडेंट के लिए होती है जो पास तो हो गए हैं, पर अपने एक या ज़्यादा विषयों के नंबर बढ़ाना चाहते हैं। इसे उस कंपार्टमेंट परीक्षा से अलग समझिए, जो किसी विषय में फेल होने पर उसे पास करने के लिए होती है। इम्प्रूवमेंट में आप पहले से पास होते हैं, बस बेहतर नंबर की कोशिश करते हैं।

तीनों बोर्ड में नियम कैसे हैं

  • मध्य प्रदेश (MPBSE): MP ने अब पुरानी सप्लीमेंट्री की जगह एक दूसरी मुख्य परीक्षा शुरू की है, जो फेल विषय पास करने और पास स्टूडेंट के नंबर सुधारने, दोनों के लिए है। बोर्ड के अनुसार इसकी मार्कशीट मुख्य परीक्षा जितनी ही मानी जाती है।
  • उत्तर प्रदेश (UPMSP): UP ने हाल ही में 12वीं के स्टूडेंट के लिए इम्प्रूवमेंट परीक्षा की सुविधा शुरू की है, जिसमें पास स्टूडेंट आमतौर पर किसी एक विषय में नंबर सुधार सकते हैं। यह कंपार्टमेंट से अलग है।
  • राजस्थान (RBSE): राजस्थान एक ऐसी व्यवस्था ला रहा है जिसमें दो में से बेहतर नंबर लिए जाएँगे, यानी एक अनिवार्य परीक्षा और एक वैकल्पिक परीक्षा, जिससे स्टूडेंट कुछ विषयों में नंबर सुधार सकें।

ध्यान रहे, इन परीक्षाओं के नियम, कितने विषय सुधार सकते हैं और तारीखें हर साल बदल सकती हैं। इसलिए अपने बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से ताज़ा जानकारी ज़रूर देख लीजिए।

NEET के लिए 12वीं के नंबर कितने मायने रखते हैं

यह बात समझ लेना बहुत ज़रूरी है, और इससे बहुत सारी घबराहट कम हो जाती है। NEET में चुनाव आपके NEET के नंबर से होता है, 12वीं के नंबर से नहीं। 12वीं के नंबर सिर्फ एलिजिबिलिटी के लिए देखे जाते हैं, यानी एक तय न्यूनतम पूरा करने के लिए। आमतौर पर यह न्यूनतम फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी मिलाकर सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत, और OBC, SC तथा ST के लिए 40 प्रतिशत होता है। यह न्यूनतम पूरा हो जाने के बाद 12वीं के नंबर आपकी NEET रैंक को नहीं बदलते।

इम्प्रूवमेंट के नंबर NEET में कैसे गिने जाते हैं

अगर आप इम्प्रूवमेंट देते हैं और नंबर बेहतर हो जाते हैं, तो एलिजिबिलिटी जाँचते समय आपकी बेहतर मार्कशीट मानी जा सकती है। यानी जो सामान्य वर्ग के स्टूडेंट 50 प्रतिशत का न्यूनतम पूरा नहीं कर पाए थे, वे इम्प्रूवमेंट से नंबर बढ़ाकर एलिजिबल बन सकते हैं। इम्प्रूवमेंट देने से NEET में आवेदन करने में कोई रुकावट नहीं आती।

क्या दोनों की तैयारी सच में साथ हो सकती है

हाँ, और इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि बोर्ड की फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी का बड़ा हिस्सा NCERT से ही आता है, और NEET भी NCERT पर ही टिकी है। यानी NEET के लिए जो पढ़ाई आप कर रहे हैं, वही काफी हद तक बोर्ड इम्प्रूवमेंट को भी कवर कर लेती है। तरीका यह रखिए, अपनी मुख्य पढ़ाई NEET और NCERT पर केंद्रित रखिए, और जिस विषय का इम्प्रूवमेंट देना है, उसके लिए बोर्ड के तरीके से उत्तर लिखने का थोड़ा अलग अभ्यास कर लीजिए। एक साथ बहुत सारे विषयों का इम्प्रूवमेंट लेने के बजाय, एक या कुछ ज़रूरी विषयों तक सीमित रहिए, ताकि NEET की तैयारी पर बोझ न पड़े।

काउंसलिंग और डोमिसाइल पर असर

सिर्फ इम्प्रूवमेंट परीक्षा देने से NEET की काउंसलिंग की एलिजिबिलिटी या आपके राज्य के डोमिसाइल पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता, क्योंकि डोमिसाइल अलग बातों पर तय होता है, जैसे निवास और पढ़ाई कहाँ से हुई। बस इतना ध्यान रखिए कि काउंसलिंग के समय आपके पास सही और पूरी मार्कशीट मौजूद हो।

एक ज़रूरी बात

इम्प्रूवमेंट तभी सोचिए जब सच में ज़रूरत हो, जैसे 12वीं के नंबर एलिजिबिलिटी के न्यूनतम के बहुत करीब या नीचे हों। सिर्फ थोड़े ज़्यादा नंबर के लिए इम्प्रूवमेंट लेकर अपनी NEET की तैयारी का समय मत बाँटिए, क्योंकि NEET में चुनाव तो NEET के नंबर से ही होता है। अगर इम्प्रूवमेंट देना ज़रूरी है, तो कम विषयों तक सीमित रहिए और NEET तथा NCERT वाली पढ़ाई को ही दोनों की साझा तैयारी मानिए। और तारीखें तथा नियम अपने बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से ज़रूर मिला लीजिए, क्योंकि ये हर साल बदलते हैं।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में NCERT आधारित नोट्स, वीडियो और चैप्टर वाइज़ MCQ मिलते हैं, जो एक साथ NEET और बोर्ड, दोनों की तैयारी को कवर करते हैं। इससे आपको दोनों के लिए अलग अलग मेहनत नहीं करनी पड़ती, और इम्प्रूवमेंट देने वाले स्टूडेंट भी अपना समय बचा पाते हैं। मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। बोर्ड इम्प्रूवमेंट परीक्षा के नियम, विषयों की संख्या और तारीखें हर बोर्ड में अलग और हर साल बदल सकती हैं, और NEET की एलिजिबिलिटी के नियम भी बदल सकते हैं, इसलिए यहाँ दी गई बातें सिर्फ आसान समझ के लिए हैं। पक्की जानकारी के लिए अपने बोर्ड की वेबसाइट (mpbse.nic.in, upmsp.edu.in, rajeduboard.rajasthan.gov.in) और NEET के लिए neet.nta.nic.in तथा nta.ac.in ज़रूर देखें।

Tags: RBSE NEET UPMSP MPBSE

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