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RBSE 12वीं टॉपर बनने का सपना? सेल्फ-स्टडी, कोचिंग और स्कूल का सही मिक्स जानें

Published on May 27, 2026 · 1 min read · 2 views
RBSE 12वीं टॉपर बनने का सपना? सेल्फ-स्टडी, कोचिंग और स्कूल का सही मिक्स जानें

RBSE 12वीं टॉपर बनने का सपना? सेल्फ-स्टडी, कोचिंग और स्कूल का सही मिक्स जानें

राजस्थान बोर्ड (RBSE) ने 2026 का 12वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी किया। पास परसेंटेज पूरे 96.30 प्रतिशत रहा। स्ट्रीम-वाइज़ देखें तो साइंस में 96.23%, आर्ट्स में 97.54%, और कॉमर्स में 93.64%।

यह आँकड़े देखकर एक बड़ा सवाल आता है, क्या RBSE में टॉपर बनने के लिए रोज़ स्कूल जाना ज़रूरी है, या सेल्फ-स्टडी और कोचिंग काफी है? जवाब इस आर्टिकल में आसान भाषा में जानें।

2026 के टॉपर्स की कहानी

RBSE 2026 की 12वीं साइंस में 5 स्टूडेंट्स ने संयुक्त पहला स्थान हासिल किया, सबने 99.80% (499/500) नंबर लाए। ये हैं, सोनू मेहरा, दीपिका रनकावत, दिव्या भादू, निकिता, और रिशिता। आर्ट्स में नरपत, नव्या मीणा, और नैन्सी चौधरी ने 99.60% लाए। कॉमर्स में वर्षा रानी ने 99.20% के साथ टॉप किया।

सबसे प्रेरणादायक कहानी है सोनू मेहरा की। सोनू एक दिहाड़ी मज़दूर का बेटा है। द लॉजिकल इंडियन के अनुसार, "आर्थिक तंगी और कम रिसोर्सेज़ के बावजूद, सोनू ने सेल्फ-स्टडी और टीचर्स के सपोर्ट के बल पर यह उपलब्धि हासिल की।" यानी सोनू ने अपने सरकारी स्कूल के टीचर्स के साथ सेल्फ-स्टडी की, और टॉपर बन गया। राजस्थान सरकार ने तीनों RBSE टॉपर्स की UPSC तैयारी का पूरा खर्च उठाने का वादा किया है।

RBSE क्लास 12 का पैटर्न, एक नज़र में

RBSE 12वीं साइंस में एक खास पैटर्न है, 56 थ्योरी + 14 सेशनल + 30 प्रैक्टिकल = 100 अंक। यानी 44 अंक स्कूल के हाथ में हैं। बाकी विषयों (आर्ट्स, कॉमर्स) में 80 थ्योरी + 20 इंटरनल होता है।

RBSE का पैटर्न "सीधा और थ्योरी आधारित" है। मतलब अगर आप NCERT और RBSE की किताबें अच्छे से पढ़ लें, तो 56 थ्योरी मार्क्स और 80 थ्योरी मार्क्स आसानी से बन जाते हैं। यही वजह है कि RBSE में 96% स्टूडेंट्स पास होते हैं।

क्या सेल्फ-स्टडी काफी है? हाँ, लेकिन एक शर्त है

RBSE में प्राइवेट कैंडिडेट को पूरी छूट है। फॉर्म फीस सिर्फ ₹650 (प्राइवेट) और ₹600 (रेगुलर) है। और सबसे बड़ी बात, RBSE प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए अलग प्रैक्टिकल एग्ज़ाम विंडो रखता है, 25 से 31 जनवरी 2026 तक। रेगुलर स्टूडेंट्स के प्रैक्टिकल 1 से 20 जनवरी तक होते हैं।

यानी अगर आप कोटा में कोचिंग कर रहे हैं और JEE या NEET की तैयारी में लगे हैं, तो भी RBSE आपको एडजस्ट कर लेता है। एलेन करियर इंस्टीट्यूट के अकेले कोटा कैंपस में 1.25 लाख से ज़्यादा स्टूडेंट्स क्लासरूम कोर्सेज़ में पढ़ते हैं। इनमें से बहुत से स्टूडेंट्स RBSE स्कूल्स में औपचारिक रूप से एनरोल्ड होते हुए भी कोचिंग पर ध्यान देते हैं।

2026 से 27 का बड़ा बदलाव, साल में दो बार परीक्षा

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने 8 नवंबर 2025 को कोटा में एक पब्लिक इवेंट में घोषणा की, "अगले शैक्षणिक सत्र (2026 से 27) से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएँ साल में दो बार आयोजित की जाएँगी।" यानी अब RBSE स्टूडेंट्स को एक नहीं, दो मौके मिलेंगे। पहली परीक्षा में नंबर कम लगे तो दूसरी में सुधार सकते हैं। दोनों में से बेहतर नंबर मान्य होगा।

तो फिर स्कूल जाने की क्या ज़रूरत है?

यहीं असली बात है। RBSE में टॉपर बनने का सपना देख रहे हैं तो भी कुछ चीज़ें स्कूल के बिना नहीं हो सकती:

1. सेशनल मार्क्स (14 अंक)

RBSE साइंस में 14 अंक सेशनल के होते हैं, जो स्कूल के टीचर देते हैं। यह अकेले 14% मार्क्स हैं। अगर इन्हें छोड़ दिया तो टॉपर बनना मुश्किल है।

2. प्रैक्टिकल एग्ज़ाम (30 अंक)

साइंस के तीनों विषयों में 30 अंक प्रैक्टिकल के हैं। लैब एक्सेस, इक्विपमेंट यूज़, और वाइवा, सब स्कूल में ही होते हैं। बिना रेगुलर लैब प्रैक्टिस किए प्रैक्टिकल में अच्छे नंबर लाना बहुत मुश्किल है।

3. टीचर का गाइडेंस

सोनू मेहरा की कहानी यही बताती है। वो दिहाड़ी मज़दूर का बेटा था, कोचिंग नहीं कर सकता था, लेकिन उसके सरकारी स्कूल के टीचर्स ने उसे पूरा सपोर्ट दिया। यही गाइडेंस टॉपर बनाती है।

4. राजस्थान के आदर्श और पीएम श्री स्कूल

राजस्थान सरकार ने हर ज़िले में आदर्श स्कूल, महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल, और पीएम श्री स्कूल खोले हैं। ये मुफ्त स्कूल हैं और बहुत अच्छे टीचर्स देते हैं। 2026 के तीनों RBSE टॉपर्स (सोनू, नव्या, खुशी) सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स हैं।

सही कॉम्बिनेशन क्या है?

अगर आप RBSE 12वीं में टॉपर बनना चाहते हैं, तो ऐसे करें:

JEE या NEET की तैयारी कर रहे हैं? कोचिंग के साथ प्रैक्टिकल और सेशनल के लिए कम से कम हफ्ते में 2 से 3 दिन स्कूल ज़रूर जाएं।

सिर्फ बोर्ड पर ध्यान है? रोज़ स्कूल जाएं। NCERT और RBSE की किताबें ज़्यादा से ज़्यादा पढ़ें। पिछले 5 साल के पेपर ज़रूर हल करें।

प्राइवेट कैंडिडेट हैं? प्रैक्टिकल के लिए किसी स्कूल से ज़रूर तालमेल करें। RBSE प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए 25 से 31 जनवरी अलग एग्ज़ाम विंडो देता है।

एक बड़ा सपना देखें

अगर एक दिहाड़ी मज़दूर का बेटा सोनू मेहरा 99.80% ला सकता है, सिर्फ अपने सरकारी स्कूल और सेल्फ-स्टडी के बल पर, तो आप क्यों नहीं? RBSE आपको फ्लेक्सिबिलिटी देता है, साल में दो बार परीक्षा, प्राइवेट ऑप्शन, अलग प्रैक्टिकल विंडो। बस ध्यान रखें, सेशनल और प्रैक्टिकल के 44 अंक हर हाल में स्कूल से मिलेंगे। स्कूल को छोड़िए मत, उसे समझदारी से इस्तेमाल करिए।

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RBSE का पैटर्न थ्योरी आधारित है, यानी अगर थ्योरी पक्की हो तो 96% से ऊपर जाना आसान है। अरिविहान पर सरल हिंदी में RBSE 12वीं के सभी विषयों के वीडियो लेक्चर, NCERT आधारित नोट्स, पिछले साल के पेपर, और एक्सपर्ट गाइडेंस मौजूद हैं। स्कूल से सेशनल और प्रैक्टिकल, अरिविहान से थ्योरी, यही टॉपर बनने का फॉर्मूला है!


FAQs

यह आर्टिकल RBSE ऑफिशियल वेबसाइट (rajeduboard.rajasthan.gov.in), करियर्स360, द लॉजिकल इंडियन, फ्री प्रेस जर्नल, द डेली जागरण, फिज़िक्स वाला, और एलेन करियर इंस्टीट्यूट पर उपलब्ध 2026 के टॉपर्स के इंटरव्यू और जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

Tags: RBSE JEE NEET CUET NDA

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