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NEET के बाद काउंसलिंग, सरकारी और प्राइवेट MBBS सीट, फीस और असली तस्वीर

Published on Aug 05, 2026 · 1 min read · 3 views
NEET के बाद काउंसलिंग, सरकारी और प्राइवेट MBBS सीट, फीस और असली तस्वीर

NEET के बाद काउंसलिंग, सरकारी और प्राइवेट MBBS सीट, फीस और असली तस्वीर

NEET का रिज़ल्ट आना आधी लड़ाई है, असली फैसला काउंसलिंग में होता है। बहुत से अच्छे स्टूडेंट सिर्फ इसलिए सही सीट से चूक जाते हैं क्योंकि उन्हें काउंसलिंग की प्रक्रिया, फीस और नियमों की जानकारी नहीं होती। इस आर्टिकल में काउंसलिंग कैसे होती है, सरकारी, प्राइवेट और डीम्ड कॉलेज में क्या फर्क है, फीस कितनी लगती है और किन बातों से बचना है, सब आसान भाषा में बताया गया है। एक बात पहले साफ कर दें, फीस और कट ऑफ हर साल तथा हर राज्य में बदलती है, इसलिए इन्हें अंदाज़े के तौर पर लें।

काउंसलिंग के दो रास्ते

  • ऑल इंडिया कोटा (AIQ), 15 प्रतिशत: यह पूरे देश के लिए खुला है और इसकी काउंसलिंग MCC करती है, वेबसाइट mcc.nic.in। डीम्ड यूनिवर्सिटी, AIIMS और JIPMER की सीटें भी यहीं से भरती हैं।
  • स्टेट कोटा, 85 प्रतिशत: यह आपके अपने राज्य के डोमिसाइल वालों के लिए है और इसकी काउंसलिंग हर राज्य खुद कराता है। स्टेट बोर्ड के ज़्यादातर स्टूडेंट यहीं मुकाबला करते हैं।

काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया

  • सीट मैट्रिक्स: पहले यह जारी होता है, जिसमें पता चलता है किस कॉलेज में कितनी सीटें हैं।
  • रजिस्ट्रेशन: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है, हर राउंड के लिए अलग से। इसमें एक फीस और एक सिक्योरिटी डिपॉजिट भी देना होता है।
  • चॉइस फिलिंग और लॉकिंग: अपने पसंद के कॉलेज सही क्रम में भरें और लॉक करें, यही सबसे अहम कदम है।
  • सीट अलॉटमेंट: रैंक, आपकी पसंद और आरक्षण के हिसाब से सीट मिलती है।
  • रिपोर्टिंग: अलॉटमेंट लेटर लेकर कॉलेज जाना होता है, जहाँ डॉक्यूमेंट जाँचे जाते हैं और फीस जमा होती है।
  • राउंड: आमतौर पर राउंड 1, राउंड 2, मॉप अप राउंड और स्ट्रे वैकेंसी राउंड होते हैं।

सरकारी, प्राइवेट और डीम्ड, फीस का असली फर्क

यही वह बात है जो हर परिवार को पहले से जान लेनी चाहिए। ये आँकड़े अंदाज़न हैं और कॉलेज तथा राज्य के हिसाब से बदलते हैं।

  • सरकारी कॉलेज: सबसे कम फीस। AIIMS जैसे संस्थानों में तो पूरे कोर्स की फीस कुछ हज़ार रुपये तक होती है, और ज़्यादातर सरकारी कॉलेजों में पूरा MBBS अक्सर कुछ लाख रुपये के अंदर हो जाता है।
  • प्राइवेट कॉलेज: आमतौर पर कई लाख रुपये सालाना। कुछ राज्यों में सरकार की समिति फीस की सीमा तय करती है।
  • डीम्ड यूनिवर्सिटी: सबसे ज़्यादा फीस। 2025 में कई डीम्ड संस्थानों में पूरे MBBS की फीस एक करोड़ रुपये से भी ऊपर पहुँच गई थी।
  • NRI कोटा: सबसे महँगा, इसकी फीस आम प्राइवेट सीट से भी कई गुना ज़्यादा होती है।
  • हॉस्टल और मेस: यह खर्च अलग से जुड़ता है, सरकारी में कम और प्राइवेट में काफी ज़्यादा।

असली तस्वीर, जो पहले से समझ लेनी चाहिए

सरकारी सीटों के लिए इतनी मारामारी इसीलिए है, क्योंकि वहाँ पढ़ाई की गुणवत्ता अच्छी है और फीस बहुत कम। देश में सरकारी MBBS सीटें करीब 55 से 60 हज़ार हैं, जबकि परीक्षा 20 लाख से ज़्यादा स्टूडेंट देते हैं। दूसरी तरफ, कम नंबर पर भी प्राइवेट या डीम्ड में सीट मिल सकती है, पर उसकी कीमत बहुत बड़ी होती है, जो कई बार 60 लाख से लेकर एक करोड़ से ऊपर तक चली जाती है। इसलिए परिवार के साथ बैठकर पहले से यह सोच लेना ज़रूरी है कि कितना खर्च उठाया जा सकता है। पढ़ाई के लिए बैंक से एजुकेशन लोन भी लिया जा सकता है, और कई राज्यों तथा कैटेगरी के लिए छात्रवृत्ति भी उपलब्ध है।

काउंसलिंग के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट

  • NEET का एडमिट कार्ड और स्कोरकार्ड।
  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट।
  • पहचान पत्र और फोटो।
  • कैटेगरी सर्टिफिकेट, और ज़रूरत हो तो PwD सर्टिफिकेट।
  • डोमिसाइल सर्टिफिकेट, जो स्टेट कोटा के लिए सबसे ज़रूरी है, इसे पहले से बनवा लें।

कुछ ज़रूरी सावधानियाँ

  • एजेंट के झाँसे में न आएँ: जो लोग पैसे लेकर सीट दिलाने का वादा करते हैं, उनसे पूरी तरह दूर रहें। सीट सिर्फ मेरिट और काउंसलिंग से मिलती है।
  • सिर्फ सरकारी वेबसाइट: जानकारी सिर्फ mcc.nic.in और अपने राज्य की आधिकारिक काउंसलिंग वेबसाइट से लें।
  • चॉइस सोच समझकर भरें: पसंद के सही क्रम में भरें, जल्दबाज़ी में लॉक न करें।
  • नियम पढ़ें: सीट छोड़ने पर सिक्योरिटी डिपॉजिट का क्या होगा, यह पहले से जान लें।
  • तारीखें न चूकें: हर राउंड की तारीख का ध्यान रखें, एक भी तारीख चूकने पर मौका निकल सकता है।

एक ज़रूरी बात

काउंसलिंग के समय सबसे बड़ी गलतियाँ हैं, जल्दबाज़ी में चॉइस भरना, डॉक्यूमेंट पहले से तैयार न रखना, और फीस की असली जानकारी लिए बिना सीट ले लेना। खासकर प्राइवेट या डीम्ड सीट लेने से पहले पूरे 5 साल का कुल खर्च जोड़कर देखें, सिर्फ पहले साल की फीस देखकर फैसला न करें। और किसी भी एजेंट या दलाल पर भरोसा न करें, चाहे वादा कितना भी पक्का लगे। हर साल नियम, फीस और कट ऑफ बदलते हैं, इसलिए हर जानकारी सरकारी वेबसाइट से ही पक्की करें।

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काउंसलिंग में अच्छा कॉलेज उसी को मिलता है जिसकी NEET रैंक अच्छी हो, और वहीं से सरकारी सीट का रास्ता खुलता है। अरिविहान पर आसान हिंदी में फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के चैप्टर वाइज़ वीडियो, NCERT आधारित नोट्स, हल किए गए सवाल और चैप्टर वाइज़ MCQ मिलते हैं, और कंप्यूटर पर मॉक टेस्ट देकर आप नए CBT मोड की तैयारी भी कर सकते हैं। मन लगाकर पढ़िए और सरकारी कॉलेज में डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। काउंसलिंग के नियम, फीस, सीटों की संख्या और कट ऑफ हर साल बदलते हैं तथा राज्य और कॉलेज के हिसाब से अलग होते हैं। यहाँ दिए गए फीस के आँकड़े अंदाज़न हैं। पक्की और ताज़ा जानकारी के लिए mcc.nic.in, nmc.org.in, nta.ac.in, neet.nta.nic.in और अपने राज्य की आधिकारिक काउंसलिंग वेबसाइट ज़रूर देखें।

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