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NEET में ठोस और तरल के यांत्रिक गुण : बरनौली प्रमेय और प्रत्यास्थता

Published on Sep 19, 2026 · 1 min read · 5 views
NEET में ठोस और तरल के यांत्रिक गुण : बरनौली प्रमेय और प्रत्यास्थता

NEET में ठोस और तरल के यांत्रिक गुण : बरनौली प्रमेय और प्रत्यास्थता

यह छोटा पर पक्के मार्क्स देने वाला चैप्टर है और पूरी तरह NEET सिलेबस में शामिल है। इसमें दो हिस्से हैं, ठोस की प्रत्यास्थता (elasticity) और तरल के गुण, जिसमें बरनौली प्रमेय सबसे ज़रूरी है। कुछ फॉर्मूले पक्के कर लें तो सवाल आसान हो जाते हैं। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट इसे आसान भाषा में कैसे समझें, यही इस आर्टिकल में...

प्रत्यास्थता — प्रतिबल, विकृति और यंग गुणांक

  • प्रतिबल (stress): प्रति क्षेत्रफल पर लगने वाला बल, stress = बल / क्षेत्रफल।
  • विकृति (strain): लंबाई में हुआ बदलाव भाग मूल लंबाई।
  • हुक का नियम: सीमा के अंदर प्रतिबल, विकृति के समानुपाती होता है।
  • यंग गुणांक: Y = प्रतिबल / विकृति, यह पदार्थ की मज़बूती बताता है।

तरल का दाब और पास्कल का नियम

  • तरल का दाब: गहराई बढ़ने पर दाब बढ़ता है।
  • पास्कल का नियम: बंद तरल पर लगा दाब हर जगह बराबर पहुँचता है, इसी से हाइड्रोलिक लिफ्ट चलती है।
  • आर्किमिडीज़ का नियम: तरल में डूबी चीज़ पर ऊपर की ओर उत्प्लावन बल लगता है।

NEET में बरनौली प्रमेय और सातत्य समीकरण

बहते तरल के लिए ये दो नियम सबसे ज़रूरी हैं और इनसे सीधे सवाल आते हैं।

  • सातत्य समीकरण: A₁v₁ = A₂v₂, यानी पतली जगह पर तरल तेज़ बहता है।
  • बरनौली प्रमेय: P + ½ρv² + ρgh हर जगह बराबर रहता है।
  • टॉरिसेली का नियम: छेद से बहते तरल की गति v = √(2gh)।

श्यानता और पृष्ठ तनाव

  • श्यानता (viscosity): तरल के बहने का विरोध, इसी से गिरती बूँद की सीमांत गति (terminal velocity) तय होती है।
  • स्टोक्स का नियम: तरल में गिरती छोटी गेंद पर विरोध बल निकालने का फॉर्मूला।
  • पृष्ठ तनाव: तरल की सतह का सिकुड़ने वाला गुण, इसी से केशिका में पानी चढ़ता है।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए तैयारी

  • फॉर्मूला शीट: यंग गुणांक, बरनौली, टॉरिसेली और पृष्ठ तनाव के फॉर्मूले एक शीट पर रखिए।
  • सामान्य गलती: बूँद में दाब 2T/r और बुलबुले में 4T/r होता है, इन्हें मिलाइए मत।
  • इंग्लिश नाम साथ रखिए: स्ट्रेस, विस्कोसिटी जैसे टर्म इंग्लिश में भी पक्के कीजिए।

एक ज़रूरी बात

यह चैप्टर छोटा है पर पक्के मार्क्स देता है और पूरी तरह NEET में शामिल है। सबसे ज़्यादा सवाल यंग गुणांक, बरनौली प्रमेय, टॉरिसेली की गति, सीमांत गति और पृष्ठ तनाव से आते हैं। बूँद और बुलबुले के दाब वाले फॉर्मूले (2T/r और 4T/r) मत मिलाइए, यह आम गलती है।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम प्रत्यास्थता और बरनौली जैसे टॉपिक को आसान फॉर्मूले और सवालों से समझाते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट इस छोटे चैप्टर से पूरे मार्क्स लें। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किस टॉपिक से कितने सवाल आते हैं, यह अंदाज़न है और आधिकारिक नहीं। पक्की जानकारी के लिए ncert.nic.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE MPBSE UPMSP NEET

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