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NEET में पुष्पी पादपों का शारीर : ऊतक तंत्र और द्विबीजपत्री एकबीजपत्री अंतर

Published on Aug 31, 2026 · 1 min read · 2 views
NEET में पुष्पी पादपों का शारीर : ऊतक तंत्र और द्विबीजपत्री एकबीजपत्री अंतर

NEET में पुष्पी पादपों का शारीर : ऊतक तंत्र और द्विबीजपत्री एकबीजपत्री अंतर

इस चैप्टर की जान है, किसी भी काट (सेक्शन) को देखकर तुरंत बताना कि यह द्विबीजपत्री (डाइकॉट) पौधे का है या एकबीजपत्री (मोनोकॉट) का। यह हुनर आ जाए तो जड़, तना और पत्ती तीनों के सवाल आसान हो जाते हैं। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट यह पहचान कैसे पक्की करें, यही आसान भाषा में इस आर्टिकल में...

ऊतक क्या हैं — विभज्योतक और स्थायी ऊतक

  • विभज्योतक (मेरिस्टेमेटिक) ऊतक: जो लगातार बँटते रहते हैं, जैसे एपिकल, इंटरकलरी और लेटरल।
  • स्थायी ऊतक: सरल (पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा) और जटिल (ज़ाइलम, फ्लोएम)।

ऊतक तंत्र — एपिडर्मल, ग्राउंड और वैस्कुलर

  • एपिडर्मल तंत्र: पौधे की सबसे बाहरी परत, सुरक्षा का काम।
  • ग्राउंड तंत्र: एपिडर्मिस और वैस्कुलर टिशू के बीच का हिस्सा।
  • वैस्कुलर तंत्र: ज़ाइलम और फ्लोएम मिलकर बनाते हैं, यह पानी और भोजन ले जाने का काम करता है।

NEET में द्विबीजपत्री और एकबीजपत्री जड़ की बनावट

जड़ की बनावट पहचानने की सबसे आसान ट्रिक है, ज़ाइलम के आर्च गिनना।

  • द्विबीजपत्री जड़: ज़ाइलम के 2 से 6 आर्च होते हैं (डाइ से हेक्सार्च)।
  • एकबीजपत्री जड़: ज़ाइलम के बहुत सारे आर्च होते हैं (पॉलीआर्च)।
  • दोनों में समान: दोनों में व्यवस्था रेडियल यानी गोल घेरे में होती है।

NEET में द्विबीजपत्री और एकबीजपत्री तने की बनावट

  • द्विबीजपत्री तना: वैस्कुलर बंडल एक घेरे में जमे होते हैं, इनमें कैंबियम मौजूद होता है (ओपन बंडल), और प्रोटोज़ाइलम अंदर की तरफ (एंडार्च) होता है।
  • एकबीजपत्री तना: वैस्कुलर बंडल बिखरे हुए होते हैं और इनमें कैंबियम नहीं होता (क्लोज़्ड बंडल)।

पत्ती की आंतरिक बनावट में अंतर

  • द्विबीजपत्री पत्ती: ऊपर और नीचे की सतह में साफ़ फर्क दिखता है (डोरसीवेंट्रल)।
  • एकबीजपत्री पत्ती: दोनों सतह एक जैसी दिखती हैं (आइसोबाइलैटरल)।

सेकेंडरी ग्रोथ का ज़रूरी नोट (NEET से हटा)

यहाँ एक ज़रूरी बात है। सेकेंडरी ग्रोथ, यानी वैस्कुलर कैंबियम, कॉर्क कैंबियम और वार्षिक वलय (एनुअल रिंग) वाला पूरा हिस्सा, रैशनलाइज़्ड NCERT किताब और NEET के official सिलेबस दोनों से हटा दिया गया है।

  • NEET के लिए ज़रूरत नहीं: इस हिस्से में गहरी तैयारी में अब समय मत लगाइए।
  • बोर्ड में हो सकता है: अपने बोर्ड (RBSE, UPMSP, MPBSE) की किताब में यह हिस्सा हो तो बोर्ड एग्ज़ाम के लिए ज़रूर पढ़िए।
  • पुराने सवाल: पुराने साल के NEET पेपर में सेकेंडरी ग्रोथ से सवाल मिलें तो उन्हें अभ्यास के लिए ठीक है, पर मौजूदा पैटर्न मानकर मत चलिए।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए पहचान का तरीका

  • एक टेबल बनाइए: जड़, तना और पत्ती तीनों के लिए द्विबीजपत्री बनाम एकबीजपत्री की तुलना एक ही टेबल में रखिए।
  • डायग्राम बार बार बनाइए: हर काट का डायग्राम खुद बनाकर लेबल लगाइए।
  • इंग्लिश टर्म साथ रखिए: ज़ाइलम, फ्लोएम, कैंबियम जैसे टर्म इंग्लिश में भी पक्के कीजिए।

NEET में बार बार आने वाले सवाल

  • काट की पहचान: दिए गए चित्र से द्विबीजपत्री या एकबीजपत्री बताना।
  • वैस्कुलर बंडल की व्यवस्था: घेरे में या बिखरी हुई, यह पहचानना।
  • ज़ाइलम आर्च गिनना: जड़ में आर्च की संख्या से टाइप बताना।
  • ऊतक और उसका काम मिलाना: ऊतक के नाम को उसके काम से जोड़ना।

एक ज़रूरी बात

इस चैप्टर की असली ताकत है, द्विबीजपत्री और एकबीजपत्री काट को वैस्कुलर बंडल की व्यवस्था से पहचानना। सेकेंडरी ग्रोथ अब NCERT और NEET दोनों से हट चुकी है, इसलिए इसमें गहरी तैयारी का समय मत लगाइए, हाँ बोर्ड की किताब में हो तो बोर्ड के लिए ज़रूर पढ़िए।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम द्विबीजपत्री और एकबीजपत्री की पहचान आसान टेबल और डायग्राम से समझाते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट यह चैप्टर आत्मविश्वास से हल कर सकें। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किस टॉपिक से कितने सवाल आते हैं, यह अंदाज़न है और आधिकारिक नहीं। सिलेबस में बदलाव संभव है, इसलिए ncert.nic.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE UPMSP MPBSE NEET

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