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NEET में टारगेट रैंक तय करें और तैयारी उल्टा प्लान करें

Published on Aug 29, 2026 · 1 min read · 3 views
NEET में टारगेट रैंक तय करें और तैयारी उल्टा प्लान करें

NEET में टारगेट रैंक तय करें और तैयारी उल्टा प्लान करें

बहुत से स्टूडेंट बस "अच्छी रैंक लानी है" सोचकर पढ़ते हैं, पर कितनी रैंक चाहिए और उसके लिए कितने मार्क्स, किस सब्जेक्ट से कितने, और रोज़ कितनी पढ़ाई, यह साफ़ नहीं होता। सबसे अच्छा तरीका है उल्टा प्लान, मतलब पहले मंज़िल तय करो, फिर पीछे से रास्ता बनाओ। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट यह उल्टा प्लान कैसे बनाएँ, यही आसान भाषा में इस आर्टिकल में...

NEET में पहले मंज़िल तय कीजिए — कॉलेज और कैटेगरी

सबसे पहले सोचिए कि आपको किस तरह का कॉलेज चाहिए, गवर्नमेंट स्टेट कोटा, ऑल इंडिया कोटा, या कोई खास कॉलेज। फिर अपनी कैटेगरी (जनरल, OBC, SC, ST) के हिसाब से पिछले साल की क्लोज़िंग रैंक देखिए।

  • गवर्नमेंट स्टेट कोटा: अपने राज्य के काउंसलिंग पोर्टल पर पिछली क्लोज़िंग रैंक देखिए।
  • ऑल इंडिया कोटा: mcc.nic.in पर पिछली क्लोज़िंग रैंक उपलब्ध होती है।
  • ये रैंक हर साल बदलती हैं: इसलिए इन्हें अंदाज़ा लगाने के लिए इस्तेमाल कीजिए, पक्का मत मानिए।

रैंक से मार्क्स का अंदाज़ा लगाइए (अंदाज़न आँकड़े)

रैंक और मार्क्स का रिश्ता हर साल बदलता है, पर पिछले सालों के आँकड़ों से अंदाज़ा लगाया जा सकता है। ये सब अंदाज़न हैं, आधिकारिक नहीं।

  • टॉप सरकारी कॉलेज: अंदाज़न 620 से 680 मार्क्स के आसपास रैंक की ज़रूरत होती है।
  • साधारण सरकारी कॉलेज: अंदाज़न 530 से 600 मार्क्स के दायरे में मौका बन सकता है।
  • कैटेगरी का फर्क: रिज़र्व्ड कैटेगरी में कम मार्क्स पर भी सीट मिल सकती है।

टारगेट मार्क्स को सब्जेक्ट में बाँटिए

मान लीजिए आपका टारगेट 600 मार्क्स है। अब इसे तीन सब्जेक्ट में बाँटिए।

  • बायोलॉजी पर ज़ोर: यह 360 मार्क्स का है और सबसे ज़्यादा NCERT आधारित, इसलिए यहाँ सबसे ज़्यादा मार्क्स का टारगेट रखिए।
  • केमिस्ट्री में मज़बूती: 180 मार्क्स में से अपनी ताकत और कमज़ोरी के हिसाब से टारगेट रखिए।
  • फिजिक्स में यथार्थवाद: कम समय में ज़्यादा मार्क्स कठिन है, इसलिए यहाँ असलियत के हिसाब से टारगेट रखिए।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए चैप्टर प्लान

हर सब्जेक्ट में कुछ चैप्टर ज़्यादा सवाल लाते हैं। इन्हें पहले और गहरा तैयार कीजिए।

  • ज़्यादा सवाल वाले पहले: बायोलॉजी में ह्यूमन फिजियोलॉजी और जेनेटिक्स, केमिस्ट्री में ऑर्गेनिक और कोऑर्डिनेशन, फिजिक्स में इलेक्ट्रोस्टैटिक्स और करंट।
  • कमज़ोर चैप्टर अलग: जिन चैप्टर में कम मार्क्स आ रहे, उन पर अलग से मेहनत कीजिए।

NEET में रोज़ और हफ़्ते का टारगेट रखिए

  • रोज़ का टारगेट: आज कौन सा चैप्टर और कितने सवाल, यह तय कीजिए।
  • हफ़्ते का टारगेट: हफ़्ते भर में कितने चैप्टर और एक फुल मॉक टेस्ट।
  • मॉक से जाँचिए: हर मॉक के बाद देखिए कि असली मार्क्स टारगेट के कितने करीब हैं।

मॉक टेस्ट से प्लान को सुधारते रहिए

उल्टा प्लान बनाकर बैठ जाना काफ़ी नहीं, मॉक के नतीजों के हिसाब से उसे बदलते रहिए।

  • कमज़ोरी पहचानिए: किस सब्जेक्ट और चैप्टर में मार्क्स कम आ रहे।
  • समय बाँटिए: कमज़ोर हिस्से पर ज़्यादा समय लगाइए, मज़बूत हिस्सा बस दोहराते रहिए।

टारगेट असली रखिए, काल्पनिक नहीं

बहुत ऊँचा टारगेट निराशा देता है और बहुत नीचा मेहनत कम करवाता है। अपनी असली ताकत और मॉक के नतीजों के हिसाब से टारगेट तय कीजिए और धीरे धीरे बढ़ाइए।

एक ज़रूरी बात

टारगेट रैंक तय करने के लिए पिछले सालों की क्लोज़िंग रैंक और मार्क्स देखिए, पर याद रखिए ये हर साल बदलती हैं। उल्टा प्लान बनाइए, रैंक से मार्क्स, मार्क्स से सब्जेक्ट टारगेट, और फिर रोज़ का प्लान। हर मॉक के बाद प्लान सुधारते रहिए। यहाँ दिए सभी आँकड़े अंदाज़न हैं और आधिकारिक नहीं।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम हर स्टूडेंट को उसके टारगेट और ताकत के हिसाब से प्लान बनाना सिखाते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट सही दिशा में मेहनत करें। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दिए मार्क्स, रैंक और कटऑफ अंदाज़न हैं और हर साल बदलते हैं। पक्की जानकारी के लिए neet.nta.nic.in, nta.ac.in, mcc.nic.in और अपने राज्य के काउंसलिंग पोर्टल पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE UPMSP MPBSE NEET

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