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NEET में रासायनिक समन्वय एवं एकीकरण : हॉर्मोन रेफरेंस टेबल

Published on Aug 31, 2026 · 1 min read · 2 views
NEET में रासायनिक समन्वय एवं एकीकरण : हॉर्मोन रेफरेंस टेबल

NEET में रासायनिक समन्वय एवं एकीकरण : हॉर्मोन रेफरेंस टेबल

यह चैप्टर पूरी तरह NEET सिलेबस में शामिल है और फैक्ट तथा मिलान वाले सवाल हर साल देता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है एक अच्छी हॉर्मोन रेडी रेफरेंस टेबल, जिसमें ग्रंथि, हॉर्मोन, उसका काम और उससे जुड़ा विकार एक जगह हो। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट इसे कैसे याद रखें, यही आसान भाषा में इस आर्टिकल में...

अंतःस्रावी ग्रंथियाँ क्या हैं

अंतःस्रावी ग्रंथियाँ अपने हॉर्मोन सीधे रक्त में छोड़ती हैं, इनकी कोई नलिका नहीं होती। ये हॉर्मोन शरीर के दूर दूर के अंगों तक संदेश पहुँचाते हैं।

  • मुख्य ग्रंथियाँ: हाइपोथैलेमस, पीयूष (पिट्यूटरी), थायरॉइड, पैराथायरॉइड, अधिवृक्क (एड्रिनल), अग्न्याशय और जनन ग्रंथियाँ।
  • दूसरे स्रोत: हृदय, किडनी और आहारनाल भी कुछ हॉर्मोन बनाते हैं।

NEET के लिए हॉर्मोन रेडी रेफरेंस टेबल

यह टेबल पूरे चैप्टर का निचोड़ है, इसे बार बार दोहराइए।

ग्रंथि मुख्य हॉर्मोन काम / जुड़ा विकार
पीयूष (पिट्यूटरी) वृद्धि हॉर्मोन (GH) वृद्धि; कमी से बौनापन, अधिकता से जायंटिज़्म
थायरॉइड थायरॉक्सिन (T3, T4) उपापचय; आयोडीन की कमी से घेंघा (गॉइटर)
पैराथायरॉइड पैराथॉर्मोन (PTH) रक्त में कैल्शियम बढ़ाता है
अग्न्याशय इंसुलिन और ग्लूकागॉन रक्त शर्करा नियंत्रण; इंसुलिन की कमी से डायबिटीज़
अधिवृक्क (एड्रिनल) एड्रिनलिन, कॉर्टिसोल तनाव में शरीर तैयार करना; कमी से एडिसन रोग
वृषण (टेस्टिस) टेस्टोस्टेरोन पुरुष लक्षण
अंडाशय (ओवरी) एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन स्त्री लक्षण और गर्भ

हॉर्मोन क्रिया का तंत्र (यह हिस्सा हटा नहीं है)

यहाँ एक गलतफ़हमी दूर कर लीजिए, हॉर्मोन क्रिया का तंत्र (mechanism of hormone action) NEET सिलेबस से हटा नहीं है, यह अब भी पढ़ना है।

  • प्रोटीन हॉर्मोन: कोशिका झिल्ली पर रिसेप्टर से जुड़ते हैं और अंदर सेकंड मैसेंजर (जैसे cAMP) बनाते हैं।
  • स्टेरॉइड हॉर्मोन: सीधे कोशिका के अंदर जाकर काम करते हैं।

NEET में हॉर्मोन से जुड़े ज़रूरी विकार

  • डायबिटीज़ मेलाइटस: इंसुलिन की कमी या असर घटने से।
  • घेंघा (गॉइटर): आयोडीन की कमी से थायरॉइड बढ़ जाना।
  • बौनापन, जायंटिज़्म और एक्रोमेगली: वृद्धि हॉर्मोन की कमी या अधिकता से।
  • एडिसन रोग: अधिवृक्क ग्रंथि के हॉर्मोन की कमी से।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए याद रखने का तरीका

  • टेबल दोहराइए: ऊपर दी हॉर्मोन टेबल को रोज़ एक बार देखिए।
  • विकार से जोड़िए: हर हॉर्मोन को उसकी कमी या अधिकता वाले विकार से जोड़कर याद रखिए।
  • इंग्लिश टर्म साथ रखिए: इंसुलिन, थायरॉक्सिन जैसे नाम इंग्लिश में भी पक्के कीजिए।

एक ज़रूरी बात

एक गलतफ़हमी दूर कर लीजिए, हॉर्मोन क्रिया का तंत्र (mechanism of hormone action) NEET से हटा नहीं है, यह पूरा पढ़ना है। इस चैप्टर की जान है ग्रंथि, हॉर्मोन, काम और विकार वाली टेबल, इसे बार बार दोहराइए। सबसे ज़्यादा सवाल हॉर्मोन और ग्रंथि का मिलान तथा कमी अधिकता वाले विकार से आते हैं। नंबर वाले मान अंदाज़न हैं, आधिकारिक weightage नहीं।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम हॉर्मोन जैसी फैक्ट भरी जानकारी को आसान टेबल में समेटकर देते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट यह चैप्टर आसानी से याद रख सकें। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किस टॉपिक से कितने सवाल आते हैं, यह अंदाज़न है और आधिकारिक नहीं। पक्की जानकारी के लिए ncert.nic.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE MPBSE UPMSP NEET

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