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क्या NEET और MBBS एडमिशन के लिए बोर्ड में 75% ज़रूरी है? पूरी सच्चाई

Published on Aug 02, 2026 · 1 min read · 4 views
क्या NEET और MBBS एडमिशन के लिए बोर्ड में 75% ज़रूरी है? पूरी सच्चाई

क्या NEET और MBBS एडमिशन के लिए बोर्ड में 75% ज़रूरी है? पूरी सच्चाई

बहुत से स्टूडेंट और पैरेंट्स यह सुनकर घबरा जाते हैं कि NEET या मेडिकल में एडमिशन के लिए 12वीं बोर्ड में 75 प्रतिशत चाहिए। अगर आपके मन में भी यह डर है, तो पहले इसे निकाल दीजिए, क्योंकि यह सिर्फ एक गलतफहमी है। NEET और MBBS के लिए 75 प्रतिशत की कोई शर्त नहीं है। यह 75 प्रतिशत वाला नियम असल में इंजीनियरिंग (JEE) का है, मेडिकल का नहीं। इस आर्टिकल में साफ साफ बताया गया है कि असली शर्त क्या है और यह गलतफहमी कहाँ से आती है।

सीधा जवाब, NEET के लिए असली शर्त क्या है

NEET के लिए 12वीं में कम से कम नंबर की शर्त सिर्फ फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी, तीनों को जोड़कर देखी जाती है, 75 प्रतिशत नहीं।

  • जनरल कैटेगरी: तीनों सब्जेक्ट मिलाकर कम से कम 50 प्रतिशत।
  • SC, ST और OBC: कम से कम 40 प्रतिशत।
  • जनरल कैटेगरी के दिव्यांग (PwD): कम से कम 45 प्रतिशत।
  • खास बात: यह प्रतिशत सिर्फ इन तीन सब्जेक्ट का है, कुल प्रतिशत या बाकी सब्जेक्ट इसमें नहीं गिने जाते। अंग्रेज़ी में पास होना ज़रूरी है, पर उसके नंबर इस प्रतिशत में नहीं जुड़ते।

फिर यह 75 प्रतिशत वाली बात कहाँ से आई

यहीं सबसे बड़ी गलतफहमी होती है। 75 प्रतिशत वाला नियम NEET का नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग यानी JEE का है। IIT और NIT जैसे इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए 12वीं में 75 प्रतिशत (या अपने बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल में) होना ज़रूरी है, और SC, ST के लिए यह 65 प्रतिशत है। यह शर्त मेडिकल यानी NEET और MBBS पर बिल्कुल लागू नहीं होती। लोग अक्सर इन दोनों परीक्षाओं की शर्तें आपस में मिला देते हैं, और यहीं से 75 प्रतिशत वाला डर फैलता है।

बोर्ड के नंबर NEET में असल में क्या तय करते हैं

  • सिर्फ एलिजिबिलिटी: बोर्ड के नंबर सिर्फ यह तय करते हैं कि आप NEET और एडमिशन के लिए एलिजिबल हैं या नहीं, यानी ऊपर बताई कम से कम प्रतिशत की शर्त।
  • स्कोर में नहीं जुड़ते: बोर्ड के नंबर NEET के स्कोर में नहीं जोड़े जाते।
  • रैंक पर असर नहीं: बोर्ड के नंबरों का NEET की रैंक पर कोई असर नहीं होता, रैंक सिर्फ NEET के नंबरों से बनती है।
  • MBBS एडमिशन: मेडिकल में एडमिशन पूरी तरह NEET की रैंक और काउंसलिंग से होता है, बोर्ड के प्रतिशत से नहीं।

एक और बात जो अक्सर उलझाती है

कई लोग एलिजिबिलिटी वाले प्रतिशत को NEET की कट ऑफ पर्सेंटाइल से मिला देते हैं। ये दोनों अलग हैं। ऊपर बताया गया 50 और 40 प्रतिशत वाला नियम 12वीं के नंबरों से जुड़ा है। इससे अलग, NEET में पास होने के लिए एक कट ऑफ पर्सेंटाइल भी पार करनी होती है, जो जनरल के लिए 50, SC, ST और OBC के लिए 40 तथा दिव्यांग के लिए 45 पर्सेंटाइल होती है। दोनों बातें अलग अलग हैं।

एक ज़रूरी बात

75 प्रतिशत वाली अफवाह की वजह से कई अच्छे स्टूडेंट बेवजह घबरा जाते हैं या हिम्मत हार बैठते हैं। यह डर पूरी तरह गलत है। NEET के लिए बस PCB में 50 प्रतिशत (जनरल), 40 प्रतिशत (SC, ST, OBC) या 45 प्रतिशत (जनरल दिव्यांग) चाहिए। पर एक बात ज़रूर याद रखें, कम से कम प्रतिशत की यह शर्त सिर्फ दरवाज़े तक पहुँचना है, अच्छे मेडिकल कॉलेज में सीट के लिए असली चीज़ NEET में ऊँची रैंक है। और हर साल के पक्के नियम NTA के इनफॉर्मेशन बुलेटिन से ही तय होते हैं, इसलिए फॉर्म भरने से पहले उसे ज़रूर पढ़ें।

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FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। NEET 2027 की एलिजिबिलिटी और नियम NTA तथा NMC के आधिकारिक नोटिफिकेशन से तय होंगे और इनमें बदलाव हो सकता है, इसलिए फॉर्म भरने से पहले nta.ac.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE UPMSP MPBSE NEET

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