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NEET में जीव और समष्टि तथा पारितंत्र : ग्राफ, पिरामिड और अंकगणित

Published on Sep 07, 2026 · 1 min read · 3 views
NEET में जीव और समष्टि तथा पारितंत्र : ग्राफ, पिरामिड और अंकगणित

NEET में जीव और समष्टि तथा पारितंत्र : ग्राफ, पिरामिड और अंकगणित

इकोलॉजी NEET का सबसे ज़्यादा मार्क्स देने वाला हिस्सा है, और यह सीधे NCERT की लाइनों से आता है। इसमें दो चीज़ें सबसे ज़रूरी हैं, समष्टि वृद्धि के ग्राफ और ऊर्जा के प्रवाह वाले अंकगणित। इन्हें समझ लीजिए तो यहाँ से पक्के मार्क्स मिलते हैं। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट इसे आसान भाषा में कैसे समझें, यही इस आर्टिकल में...

NEET में समष्टि (population) वृद्धि के दो ग्राफ

समष्टि यानी एक जगह रहने वाले एक ही तरह के जीवों का समूह। इसकी वृद्धि दो तरह की होती है।

  • घातांकी वृद्धि (exponential): जब खाना और जगह असीमित हो, तब वृद्धि J आकार के ग्राफ जैसी होती है।
  • लॉजिस्टिक वृद्धि: जब खाना और जगह सीमित हो, तब वृद्धि S आकार के ग्राफ जैसी होती है।
  • K का मतलब: जिस जगह जितने जीव रह सकते हैं, उसकी सीमा को K (कैरींग कैपेसिटी) कहते हैं।

आयु पिरामिड (age pyramid)

  • बढ़ती समष्टि: पिरामिड नीचे से चौड़ा होता है।
  • स्थिर समष्टि: पिरामिड लगभग बराबर चौड़ाई का होता है।
  • घटती समष्टि: पिरामिड नीचे से पतला होता है।

NEET में जीवों के बीच संबंध

दो जीवों के बीच का संबंध किसी को फायदा (+), नुकसान (−) या कोई असर नहीं (0) देता है। इसे टेबल की तरह याद रखिए।

  • सहजीविता (mutualism): दोनों को फायदा (+ +)।
  • परभक्षण (predation) और परजीविता (parasitism): एक को फायदा, दूसरे को नुकसान (+ −)।
  • सहभोजिता (commensalism): एक को फायदा, दूसरे को कोई असर नहीं (+ 0)।
  • स्पर्धा (competition): दोनों को नुकसान (− −)।

पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह और 10 प्रतिशत नियम

पारितंत्र में ऊर्जा सूरज से पौधों में, फिर जानवरों में जाती है। हर स्तर पर सिर्फ़ करीब 10 प्रतिशत ऊर्जा ही आगे जाती है, इसे 10 प्रतिशत नियम कहते हैं।

  • अंकगणित वाले सवाल: इसी नियम से हर स्तर की ऊर्जा निकालने वाले सवाल आते हैं।
  • ऊर्जा का रास्ता: ऊर्जा एक ही दिशा में जाती है, वापस नहीं आती।

NEET में पारिस्थितिक पिरामिड (ecological pyramid)

  • ऊर्जा का पिरामिड: हमेशा सीधा (upright) होता है।
  • संख्या और जैव भार का पिरामिड: कभी सीधा, कभी उल्टा भी हो सकता है, जैसे एक बड़े पेड़ पर।

हटाए गए हिस्से का ज़रूरी नोट

यहाँ एक ज़रूरी बात है। इस यूनिट के कुछ हिस्से नई NCERT से हटा दिए गए हैं, इसलिए इनमें ज़्यादा समय मत लगाइए।

  • जीव और उसका वातावरण: अनुकूलन और आवास वाला हिस्सा कम कर दिया गया है।
  • पोषक चक्र और अनुक्रमण: कार्बन चक्र, अनुक्रमण (succession) जैसे हिस्से भी हटाए गए हैं।
  • ज़रूर जाँच लें: हर साल का सिलेबस nmc.org.in पर एक बार ज़रूर देख लीजिए, क्योंकि यह बदल सकता है।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए तैयारी

  • दोनों ग्राफ बनाइए: J और S आकार वाले ग्राफ खुद बनाकर समझिए।
  • संबंध की टेबल: फायदा और नुकसान वाली टेबल याद रखिए।
  • अंकगणित की प्रैक्टिस: 10 प्रतिशत नियम वाले सवाल बार बार हल कीजिए।

एक ज़रूरी बात

इकोलॉजी NEET में सबसे ज़्यादा मार्क्स देती है, इसलिए समष्टि वृद्धि के दोनों ग्राफ, जीवों के बीच संबंध की टेबल, 10 प्रतिशत नियम और पारिस्थितिक पिरामिड को अच्छे से पक्का कीजिए। जीव और वातावरण, पोषक चक्र और अनुक्रमण जैसे कुछ हिस्से नई NCERT से हटा दिए गए हैं, इसलिए उनमें ज़्यादा समय मत लगाइए और सिलेबस एक बार ज़रूर जाँच लीजिए।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम ग्राफ, पिरामिड और अंकगणित को आसान तरीके से समझाते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट इकोलॉजी से पूरे मार्क्स लें। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किस टॉपिक से कितने सवाल आते हैं, यह अंदाज़न है और आधिकारिक नहीं। सिलेबस में बदलाव संभव है, इसलिए ncert.nic.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE MPBSE UPMSP NEET

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