Arivihan Logo
Ask Doubt Now !!
neet

NEET में उत्सर्जी पदार्थ और उनका निष्कासन : नेफ्रॉन

Published on Sep 02, 2026 · 1 min read · 6 views
NEET में उत्सर्जी पदार्थ और उनका निष्कासन : नेफ्रॉन

NEET में उत्सर्जी पदार्थ और उनका निष्कासन : नेफ्रॉन

यह चैप्टर पूरी तरह NEET सिलेबस में शामिल है और अच्छे मार्क्स देता है। इसकी जान है नेफ्रॉन की बनावट और मूत्र बनने के चरण, इन्हें एक साफ़ डायग्राम और फ्लो के साथ समझ लीजिए तो बाकी टॉपिक आसान हो जाते हैं। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट इसे कैसे मज़बूत करें, यही आसान भाषा में इस आर्टिकल में...

उत्सर्जन के प्रकार — अमोनोटेलिक, यूरियोटेलिक और यूरिकोटेलिक

  • अमोनोटेलिक: अमोनिया निकालने वाले जीव, जैसे मछली।
  • यूरियोटेलिक: यूरिया निकालने वाले जीव, जैसे मनुष्य।
  • यूरिकोटेलिक: यूरिक एसिड निकालने वाले जीव, जैसे पक्षी और सरीसृप।

मानव उत्सर्जन तंत्र और नेफ्रॉन की बनावट

नेफ्रॉन किडनी की सबसे छोटी काम करने वाली इकाई है, और इसी में मूत्र बनता है।

  • मुख्य भाग: ग्लोमेरुलस, बोमन कैप्सूल, PCT, हेनले का लूप, DCT और संग्रह नलिका।
  • दो प्रकार: कॉर्टिकल और जक्सटामेड्युलरी नेफ्रॉन।

NEET में मूत्र बनने के चरण

मूत्र तीन चरणों में बनता है, इनका सही क्रम NEET में सीधा सवाल बनता है।

  • ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन: रक्त छनकर ग्लोमेरुलस से बोमन कैप्सूल में आता है।
  • पुनरावशोषण (reabsorption): ज़रूरी पदार्थ और पानी वापस रक्त में लिए जाते हैं।
  • स्रवण (secretion): कुछ अतिरिक्त पदार्थ नलिका में छोड़े जाते हैं।

काउंटर करंट मैकेनिज्म

हेनले का लूप और वासा रेक्टा मिलकर किडनी में एक सांद्रता प्रवणता बनाते हैं, जिससे गाढ़ा मूत्र बन पाता है, इसी को काउंटर करंट मैकेनिज्म कहते हैं।

किडनी के काम का नियमन — ADH, RAAS और ANF

  • ADH: पानी का पुनरावशोषण बढ़ाता है, इसकी कमी से डायबिटीज़ इनसिपिडस।
  • RAAS: रेनिन एंजियोटेंसिन एल्डोस्टेरोन तंत्र, सोडियम और पानी रोककर रक्तचाप बढ़ाता है।
  • ANF: रक्तचाप बढ़ने पर उसे घटाने का काम करता है, यानी RAAS का उल्टा।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए तैयारी

  • नेफ्रॉन का डायग्राम: लेबल वाला नेफ्रॉन खुद बनाकर हर हिस्सा समझिए।
  • नियमन की टेबल: ADH, RAAS और ANF का काम एक टेबल में रखिए।
  • इंग्लिश टर्म साथ रखिए: नेफ्रॉन, फिल्ट्रेशन जैसे टर्म इंग्लिश में भी पक्के कीजिए।

उत्सर्जन तंत्र के विकार और डायलिसिस

  • विकार: यूरीमिया, किडनी फेल होना, पथरी (renal calculi) और नेफ्राइटिस।
  • डायलिसिस: किडनी फेल होने पर मशीन से रक्त साफ़ किया जाता है, इसे कृत्रिम किडनी कहते हैं।

एक ज़रूरी बात

यह चैप्टर पूरी तरह NEET सिलेबस में शामिल है, कुछ भी हटा नहीं है। सबसे ज़्यादा सवाल नेफ्रॉन की बनावट, मूत्र बनने के तीन चरण, काउंटर करंट मैकेनिज्म और ADH, RAAS, ANF वाले नियमन से आते हैं। इन्हें डायग्राम और टेबल के साथ पक्का कीजिए। नंबर वाले मान अंदाज़न हैं, आधिकारिक weightage नहीं।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम नेफ्रॉन और मूत्र बनने जैसे टॉपिक को आसान फ्लो और डायग्राम से समझाते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट यह चैप्टर पूरे भरोसे से हल कर सकें। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किस टॉपिक से कितने सवाल आते हैं, यह अंदाज़न है और आधिकारिक नहीं। पक्की जानकारी के लिए ncert.nic.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE UPMSP MPBSE NEET

© Copyright - 2026. All right reserved to Arivihan Technologies Pvt. Ltd.