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NEET काउंसलिंग के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट : पूरी चेकलिस्ट

Published on Aug 26, 2026 · 1 min read · 2 views
NEET काउंसलिंग के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट : पूरी चेकलिस्ट

NEET काउंसलिंग के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट : पूरी चेकलिस्ट

NEET में अच्छे मार्क्स आ जाना आधी जीत है, बाकी आधी जीत काउंसलिंग में सही डॉक्यूमेंट के साथ पहुँचने पर तय होती है। हर साल कई स्टूडेंट सिर्फ़ इसलिए सीट गँवा देते हैं क्योंकि कोई सर्टिफिकेट गलत फॉर्मेट में था या समय पर तैयार नहीं था। इसलिए पहले से पूरी चेकलिस्ट तैयार रखना बहुत ज़रूरी है। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट को कौन कौन से कागज़ चाहिए, यही आसान भाषा में इस आर्टिकल में...

NEET काउंसलिंग दो हिस्सों में होती है

डॉक्यूमेंट समझने से पहले यह जान लीजिए कि काउंसलिंग दो चरणों में होती है।

  • रजिस्ट्रेशन और अलॉटमेंट: यहाँ पोर्टल पर डॉक्यूमेंट की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होती है।
  • कॉलेज में रिपोर्टिंग: सीट मिलने पर कॉलेज में असली डॉक्यूमेंट और उनकी फोटोकॉपी दिखानी होती है।
  • असली ज़रूरी: रिपोर्टिंग पर असली डॉक्यूमेंट न होने पर सीट रद्द हो सकती है।

NEET काउंसलिंग की मुख्य डॉक्यूमेंट चेकलिस्ट

  • NEET एडमिट कार्ड और NEET स्कोरकार्ड (रैंक लेटर)
  • अलॉटमेंट लेटर (MCC या राज्य की काउंसलिंग से)
  • दसवीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट (जन्मतिथि के लिए)
  • बारहवीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
  • फोटो पहचान पत्र (आधार, पैन या पासपोर्ट)
  • 8 से 10 पासपोर्ट साइज़ फोटो (सलाह, 12 से 15 साथ रखिए)
  • मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट

कैटेगरी और खास सर्टिफिकेट का ध्यान (सबसे बड़ी गलती यहीं होती है)

सबसे ज़्यादा सीटें गलत कैटेगरी सर्टिफिकेट की वजह से जाती हैं। इसलिए इसे बहुत ध्यान से पढ़िए।

  • ऑल इंडिया कोटा के लिए सेंट्रल फॉर्मेट: OBC-NCL और EWS सर्टिफिकेट केंद्र सरकार के फॉर्मेट में होना चाहिए, राज्य वाला फॉर्मेट नहीं चलता।
  • हर साल नया: OBC-NCL और EWS सर्टिफिकेट उसी वित्तीय वर्ष का होना चाहिए, यानी 1 अप्रैल के बाद बना हुआ।
  • दिव्यांग (PwD) सर्टिफिकेट: यह MCC के तय सेंटर से बनवाना ज़रूरी है, किसी भी डॉक्टर से नहीं।
  • डीम्ड यूनिवर्सिटी: इनमें कैटेगरी आरक्षण नहीं होता।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए डोमिसाइल का ध्यान

स्टेट कोटा की सीट के लिए अपने राज्य का डोमिसाइल (मूल निवास) सर्टिफिकेट चाहिए। तीनों राज्यों के नियम थोड़े अलग हैं।

  • उत्तर प्रदेश: निवास प्रमाणपत्र; दसवीं बारहवीं दोनों UP से करने पर अक्सर अलग डोमिसाइल नहीं माँगा जाता।
  • राजस्थान: मूल निवास प्रमाणपत्र, माता पिता का निवास और स्टूडेंट की पढ़ाई राज्य में।
  • मध्य प्रदेश: MP का मूल निवास प्रमाणपत्र ज़रूरी; यह बंद राज्य है।
  • सही अधिकारी से: डोमिसाइल तहसीलदार, SDM या DM से बनवाइए, पंचायत या नोटरी से नहीं।

फोटोकॉपी और फोल्डर कैसे तैयार करें

  • तीन सेट कॉपी: हर डॉक्यूमेंट की तीन सेट सेल्फ अटेस्टेड फोटोकॉपी रखिए।
  • लैमिनेट मत कराइए: असली मार्कशीट लैमिनेट मत कराइए, कुछ कॉलेज इसे नहीं लेते।
  • क्रम में रखिए: सारे डॉक्यूमेंट एक फोल्डर में क्रम से लगाइए।

NEET काउंसलिंग में और क्या ध्यान रखें

  • नाम मिलान: सारे कागज़ों में नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम एक जैसा होना चाहिए।
  • गैप एफिडेविट: पढ़ाई में गैप हो तो गैप एफिडेविट साथ रखिए।
  • बॉन्ड: कई सरकारी कॉलेज ग्रामीण सेवा बॉन्ड माँगते हैं, इसे पहले पढ़ लीजिए।

एक ज़रूरी बात

सबसे बड़ी गलती कैटेगरी सर्टिफिकेट में होती है, ऑल इंडिया कोटा के लिए OBC-NCL और EWS सर्टिफिकेट केंद्र सरकार के फॉर्मेट में और उसी वित्तीय वर्ष का होना चाहिए। असली डॉक्यूमेंट रिपोर्टिंग पर ज़रूरी हैं। डॉक्यूमेंट की लिस्ट और फॉर्मेट हर साल बदल सकते हैं, इसलिए काउंसलिंग से पहले mcc.nic.in और अपने राज्य के पोर्टल पर उस साल का ब्रोशर ज़रूर देखें।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम पढ़ाई से लेकर काउंसलिंग तक की हर उलझन समझाते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट डॉक्यूमेंट की छोटी गलती से सीट न गँवाएँ। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्यूमेंट की लिस्ट, फॉर्मेट और नियम हर साल बदल सकते हैं। पक्की जानकारी के लिए mcc.nic.in, neet.nta.nic.in और अपने राज्य के काउंसलिंग पोर्टल पर उस साल का ब्रोशर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE MPBSE UPMSP NEET

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