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सेल बायोलॉजी और सेल साइकिल, NEET की वो नींव जिसे स्टूडेंट जल्दबाज़ी में छोड़ देते हैं

Published on Aug 14, 2026 · 1 min read · 2 views
सेल बायोलॉजी और सेल साइकिल, NEET की वो नींव जिसे स्टूडेंट जल्दबाज़ी में छोड़ देते हैं

सेल बायोलॉजी और सेल साइकिल, NEET की वो नींव जिसे स्टूडेंट जल्दबाज़ी में छोड़ देते हैं

कोशिका (cell) से जुड़े ये चैप्टर देखने में आसान लगते हैं, इसलिए बहुत से स्टूडेंट इन्हें जल्दी जल्दी पढ़कर आगे बढ़ जाते हैं। पर सच यह है कि यही चैप्टर पूरी बायोलॉजी की नींव हैं, जेनेटिक्स, रिप्रोडक्शन और बायोटेक्नोलॉजी सब इन्हीं पर टिके हैं। और NEET में हर साल इनसे सीधे सवाल आते हैं। इस आर्टिकल में RBSE, UPMSP और MPBSE जैसे हिंदी मीडियम बोर्ड के स्टूडेंट के लिए इन चैप्टर की सबसे ज़रूरी बातें आसान भाषा में, और NEET में सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले हिस्से बताए गए हैं।

कोशिका सिद्धांत और दो तरह की कोशिकाएँ

कोशिका सिद्धांत (cell theory) कहता है कि हर जीव कोशिका से बना है और हर नई कोशिका पुरानी कोशिका से ही बनती है। कोशिकाएँ दो तरह की होती हैं।

  • प्रोकैरियोटिक (prokaryotic): इनमें झिल्ली से घिरा असली केंद्रक (nucleus) नहीं होता, जैसे बैक्टीरिया। सबसे छोटी कोशिका Mycoplasma है।
  • यूकैरियोटिक (eukaryotic): इनमें असली केंद्रक और झिल्ली वाले अंग होते हैं, जैसे पौधों और जंतुओं की कोशिकाएँ।

कोशिका के अंग और उनके काम, सबसे ज़्यादा नंबर वाला हिस्सा

यह इस चैप्टर का सबसे ज़रूरी हिस्सा है, हर अंग (organelle) का काम याद रखिए।

  • माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria): ऊर्जा बनाने वाला, इसे कोशिका का पावरहाउस कहते हैं, इसकी अपनी DNA और 70S राइबोसोम होते हैं।
  • क्लोरोप्लास्ट (chloroplast): पौधों में फोटोसिंथेसिस (photosynthesis) की जगह, इसमें ग्रैना और स्ट्रोमा होते हैं।
  • राइबोसोम (ribosome): प्रोटीन बनाने की जगह, यूकैरियोट में 80S और प्रोकैरियोट में 70S।
  • लाइसोसोम (lysosome): पाचन करने वाले, इन्हें आत्मघाती थैली (suicidal bags) कहते हैं।
  • कोशिका झिल्ली (plasma membrane): इसका fluid mosaic model सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।

कोशिका चक्र (cell cycle) और उसके फेज़

कोशिका बनने और बँटने के पूरे सफर को cell cycle कहते हैं। इसका बड़ा हिस्सा interphase है, जिसमें कोशिका बँटने की तैयारी करती है, G1 (बढ़ना) फिर S (DNA का दोगुना होना) फिर G2 (और तैयारी)। एक ज़रूरी बात, S फेज़ में DNA दोगुनी होती है, पर क्रोमोसोम की संख्या नहीं बदलती। जो कोशिकाएँ बँटना बंद कर देती हैं वे G0 में चली जाती हैं।

Mitosis और Meiosis, दोनों में फर्क याद रखिए

  • Mitosis (शरीर की कोशिकाओं का बँटवारा): शरीर की कोशिकाओं में होता है, इसके चार फेज़ हैं, prophase, metaphase, anaphase, telophase, और इससे दो एक जैसी कोशिकाएँ बनती हैं। काम, बढ़ना और मरम्मत।
  • Meiosis (जनन कोशिकाओं का बँटवारा): जनन कोशिकाओं में होता है, इसमें दो बार बँटवारा होता है और चार कोशिकाएँ बनती हैं जिनमें क्रोमोसोम आधे हो जाते हैं। इससे विविधता आती है।
  • क्रॉसिंग ओवर: यह meiosis के Prophase I की pachytene अवस्था में होता है, यह बहुत पूछा जाता है।

NEET में इस चैप्टर से सबसे ज़्यादा क्या पूछा जाता है

पिछले सालों के पेपर देखें तो सबसे ज़्यादा सवाल इन पर आते हैं, हर अंग का काम और उसकी खास संख्या (जैसे 70S और 80S, एक या दोहरी झिल्ली), mitosis और meiosis का फर्क, किस फेज़ में क्रोमोसोम क्या करते हैं, और Prophase I की पाँच अवस्थाएँ। इन्हें पक्का कर लेने पर इस चैप्टर के लगभग सारे सवाल बन जाते हैं।

आम गलतियाँ जिनसे बचना है

  • DNA दोगुनी होना बनाम क्रोमोसोम संख्या: S फेज़ में DNA दोगुनी होती है, पर क्रोमोसोम की संख्या नहीं बदलती।
  • Mitosis और meiosis गड़बड़ाना: mitosis में गिनती वही रहती है, meiosis में आधी हो जाती है।
  • राइबोसोम की गिनती: माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट में 70S होते हैं, 80S नहीं।
  • ग्रैना और क्रिस्टी उलझाना: क्रिस्टी माइटोकॉन्ड्रिया में, ग्रैना क्लोरोप्लास्ट में होते हैं।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट कैसे पढ़ें

  • NCERT को पहले पढ़िए: हर अंग का काम अंडरलाइन करते हुए धीरे धीरे पढ़िए।
  • डायग्राम याद से बनाइए: पादप और जंतु कोशिका, माइटोकॉन्ड्रिया, क्लोरोप्लास्ट, और mitosis meiosis की अवस्थाएँ।
  • एक टेबल बनाइए: mitosis बनाम meiosis, जगह, बँटवारा, कोशिकाएँ और क्रोमोसोम संख्या।
  • इंग्लिश टर्म याद रखिए: nucleus, mitochondria, chloroplast, ribosome, prophase जैसे नाम इंग्लिश में याद रखिए, क्योंकि NEET में ऑप्शन इंग्लिश में आते हैं।

एक ज़रूरी बात

इस चैप्टर को आसान समझकर जल्दबाज़ी में मत छोड़िए। जेनेटिक्स, रिप्रोडक्शन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे बड़े नंबर वाले चैप्टर इसी नींव पर खड़े हैं, इसलिए यहाँ की छोटी छोटी बातें, जैसे हर अंग का काम और बँटवारा की अवस्थाएँ, अभी पक्की कर लेना आगे बहुत काम आता है। सिर्फ पढ़िए मत, हर डायग्राम याद से बनाकर और एक टेबल बनाकर बार बार दोहराइए, यही सबसे पक्का तरीका है।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में सेल बायोलॉजी और सेल साइकिल के NCERT आधारित नोट्स, लेबल वाले डायग्राम और वीडियो मिलते हैं, जहाँ हर अंग का काम और उसका इंग्लिश नाम दोनों साफ समझाए जाते हैं। साथ में चैप्टर वाइज़ MCQ और कंप्यूटर पर फुल मॉक टेस्ट से आप अपनी पकड़ जाँच सकते हैं और नए CBT मोड की आदत भी बना सकते हैं। मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी, नई (रेशनलाइज़्ड) NCERT और पिछले सालों के NEET पेपर के विश्लेषण पर आधारित है। कौन सा हिस्सा कितना पूछा जाता है, यह अंदाज़न है और NTA कोई आधिकारिक वेटेज नहीं देता। सिलेबस और पैटर्न की पक्की जानकारी के लिए ncert.nic.in, nta.ac.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE MPBSE UPMSP NEET

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