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क्या MP, UP या RBSE बोर्ड से NEET निकल सकती है? आँकड़ों के साथ सच्चा जवाब

Published on Jul 31, 2026 · 1 min read · 2 views
क्या MP, UP या RBSE बोर्ड से NEET निकल सकती है? आँकड़ों के साथ सच्चा जवाब

क्या MP, UP या RBSE बोर्ड से NEET निकल सकती है? आँकड़ों के साथ सच्चा जवाब

स्टेट बोर्ड के कई स्टूडेंट मन में यह डर पाल लेते हैं कि बड़े शहरों और CBSE वालों के सामने उनकी बोर्ड से NEET निकालना मुश्किल है। सीधा और सच्चा जवाब है, हाँ, बिल्कुल निकल सकती है, और यह बात सिर्फ हौसला देने के लिए नहीं, आँकड़े भी यही कहते हैं। हर साल MP, UP और राजस्थान जैसे राज्यों से लाखों स्टूडेंट NEET क्वालिफाई करते हैं। इस आर्टिकल में बिना बढ़ा चढ़ाकर, आँकड़ों और असली उदाहरणों के साथ पूरी सच्चाई बताई गई है।

आँकड़े क्या कहते हैं

  • उत्तर प्रदेश सबसे आगे: UP हर साल सबसे ज़्यादा NEET क्वालिफायर देने वाले राज्यों में है, 2025 में यहाँ से करीब 1.7 लाख स्टूडेंट क्वालिफाई हुए।
  • महाराष्ट्र, राजस्थान और MP भी आगे: ये राज्य भी सबसे ज़्यादा क्वालिफायर वाले राज्यों में आते हैं, और मध्य प्रदेश से भी हर साल हज़ारों स्टूडेंट सफल होते हैं।
  • कुल तस्वीर: NEET 2025 में करीब 22 लाख स्टूडेंट परीक्षा में बैठे और करीब 12 लाख ने क्वालिफाई किया। इनमें बड़ी संख्या स्टेट बोर्ड वालों की है।
  • सबसे बड़ी मिसाल: NEET 2025 में पूरे देश में पहली रैंक राजस्थान के एक हिंदी मीडियम सरकारी स्कूल के स्टूडेंट ने हासिल की, 720 में से 686 नंबर के साथ।

स्टेट बोर्ड वालों के पास कौन से फायदे हैं

  • वही सिलेबस: MP, UP और RBSE अब साइंस में NCERT ही पढ़ाते हैं, और NEET भी NCERT पर आधारित है, इसलिए बोर्ड की पढ़ाई ही NEET की नींव बन जाती है।
  • दोहरा फायदा: एक ही चैप्टर पढ़ने से बोर्ड और NEET दोनों की तैयारी साथ साथ होती है।
  • नया सिलेबस नहीं: NEET के लिए कोई बिल्कुल अलग किताब नहीं पढ़नी पड़ती, जो पढ़ा है वही काम आता है।

और सच्चाई का दूसरा पहलू, असली गैप कहाँ हैं

ईमानदारी से इन गैप को भी समझना ज़रूरी है, ताकि इन्हें भरा जा सके। ये सारे गैप मेहनत से पूरे हो जाते हैं।

  • MCQ की प्रैक्टिस कम: बोर्ड में लिखने वाले सवाल आते हैं, इसलिए MCQ हल करने का अभ्यास अलग से करना पड़ता है।
  • इंग्लिश टर्मिनोलॉजी: साइंस के इंग्लिश शब्दों पर पकड़ बनानी होती है।
  • रिसोर्स और कोचिंग: छोटे शहरों में अच्छे रिसोर्स और कोचिंग कम मिलते हैं, पर अब अच्छे ऑनलाइन और मुफ्त रिसोर्स से यह कमी पूरी हो जाती है।

तो असली फर्क किससे पड़ता है

सबसे ज़रूरी सच यह है कि बोर्ड आपकी राह में रुकावट नहीं है। NEET में सफलता इस बात से तय होती है कि आपने NCERT कितनी पक्की की, कितने MCQ और मॉक टेस्ट किए, ना कि आप किस बोर्ड से हैं। बोर्ड के नंबर भी NEET की रैंक में नहीं जुड़ते, बस 12वीं में कम से कम ज़रूरी प्रतिशत लाना होता है। यानी मेहनत और सही तैयारी, बोर्ड से कहीं ज़्यादा मायने रखती है।

एक ज़रूरी बात

आँकड़े यह ज़रूर बताते हैं कि स्टेट बोर्ड से NEET निकलती है, पर यह अपने आप नहीं होता। सिर्फ यह सोचकर निश्चिंत न हो जाएँ कि लाखों लोग निकालते हैं, बल्कि उन गैप पर काम करें जो असल में रुकावट बनते हैं, यानी MCQ की प्रैक्टिस, इंग्लिश टर्मिनोलॉजी और मॉक टेस्ट। और यह भी याद रखें कि सिर्फ बोर्ड की तैयारी को NEET की तैयारी न मान लें, दोनों का तरीका अलग है।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में MP Board, UP Board और RBSE, तीनों के हिसाब से NEET की तैयारी होती है। यहाँ हर चैप्टर के वीडियो, NCERT आधारित नोट्स, हल किए गए सवाल और चैप्टर वाइज़ MCQ मिलते हैं, जिनमें ज़रूरी इंग्लिश टर्म साथ साथ बताई जाती हैं, ताकि स्टेट बोर्ड वाले सारे गैप भर सकें। साथ ही कंप्यूटर पर मॉक टेस्ट देकर आप नए CBT मोड की आदत भी बना सकते हैं। मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी और पिछले सालों के NEET आँकड़ों पर आधारित है। क्वालिफायर की संख्या और आँकड़े हर साल बदलते हैं। ताज़ा और पक्की जानकारी के लिए nta.ac.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर देखें।

Tags: NEET RBSE UPMSP MPBSE

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